पटना , अप्रैल 02 -- बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद की 66वीं बैठक में बाढ़ 2026 के पूर्व पूर्ण कराए जाने वाली कुल 384 बाढ़ सुरक्षात्मक योजनाओं के लिए कुल 1117.27 करोड़ रूपये खर्च करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
इसके साथ ही, बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद द्वारा 30 करोड़ रूपये से अधिक लागत वाली कुल पांच योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इन पांच योजनाओं पर कुल 340.17 करोड़ रूपये खर्च किये जाएंगे। उक्त पांच योजनाओं में चार कटाव निरोधक प्रकृति के हैं तथा एक योजना एम्स, दरभंगा को जल-जमाव से सुरक्षा के लिये रिंग बांध के निर्माण से संबंधित है।
पर्षद की बैठक की जल संसाधन मंत्री एवं बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष श्री विजय कुमार चौधरी ने की।
श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी तटबंधों की निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे खुद स्थल का निरीक्षण करें और इससे संबंधित रिपोर्ट विभाग को समर्पित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि स्थानीय प्रशासन से समन्वय बना कर सभी संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरी मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूरा कर लिया जाए।
मंत्री ने कहा कि योजनाओं के कार्यान्वयन में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई दे तो तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बाढ़ नियंत्रण पर्षद की इस बैठक में 92.66 करोड़ रूपये की लागत से एम्स, दरभंगा को जल जमाव से मुक्त करने के लिए रिंग बांध, ड्रेनेज चैनल और पंप हाउस के साथ सम्प के निर्माण की भी चर्चा की गई।
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