बेंगलुरु , अगस्त 01 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा और केंद्र सरकार को संसद तथा उच्चतम न्यायालय में किये गये अपने वादे का पालन करना चाहिए।
श्री अब्दुल्ला ने शनिवार को आईआईएमबीएए लीडरशिप कॉन्क्लेव-2026 के इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन केवल शुरुआत है और राज्य का दर्जा बहाल होने तक जम्मू-कश्मीर तथा राष्ट्रीय राजधानी में आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, "हमें पहले से पता था कि जंतर-मंतर पर एक दिन के प्रदर्शन से राज्य का दर्जा वापस नहीं मिलेगा। यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर और दिल्ली दोनों जगह जारी रहेगा, क्योंकि हम केवल वही मांग रहे हैं जिसका वादा हमसे किया गया था।"श्री अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद और उच्चतम न्यायालय सहित कई अवसरों पर जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा, "हम केवल केंद्र सरकार को उसका वादा याद दिला रहे हैं।"दिल्ली में हाल के छात्र प्रदर्शनों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कार्रवाई नहीं किये जाने के कथित आश्वासन पर श्री अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को अपने वादे पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि सरकार ने आश्वासन दिया है कि इन छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, तो उस पर अमल होना चाहिए। जहां-जहां प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, उन्हें वापस लिया जाना चाहिए।"उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है और इसका पालन संबंधित राज्य सरकारों को करना होगा।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने अपनी बात कह दी है, लेकिन उसे लागू करना राज्यों की जिम्मेदारी है। अधिकांश संबंधित राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। यदि उन्हीं की पार्टी के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के आश्वासन का पालन नहीं करते, तो उस आश्वासन का क्या महत्व रह जाता है?" उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा लगभग एक हजार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर कोई टिप्पणी नहीं की।
कुलगाम में गैर-स्थानीय श्रमिकों पर हुए आतंकवादी हमले पर श्री अब्दुल्ला ने इसे "अमानवीय कृत्य" बताते हुए कहा कि पीड़ित केवल आजीविका कमाने के लिए घाटी आए थे।
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