नयी दिल्ली , अगस्त 10 -- गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बुलाने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल बाधित रहा और सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के सदस्य फिर हंगामा करने लगे। विपक्षी सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। वे दिल्ली में गत 20 जुलाई को संसद मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के सिलसिले में गृह मंत्री शाह को सदन में बुलाने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। साथ ही अयोध्या के राममंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी नारेबाजी कर रहे थे।

सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने हंगामे के बीच ही सदन की कार्यवाही जारी रखी और विद्युत मंत्रालय से संबंधित एक प्रश्न का सदन में उत्तर भी दिया गया। हालांकि श्री राधाकृष्णन ने 12.17 बजे सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सभापति ने जैसे ही शून्यकाल की कार्यवाही शुरू की कई विपक्षी के सदस्य अपनी जगहों से उठकर जोर-जोर से बोलने लगे। सभापति ने उनसे शांत रहने और अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते हुए लोक महत्व के विषय रखने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे। कुछ सदस्यों ने हंगामे के बीच अपनी बात रखी लेकिन शोरगुल में उनकी आवाज सुनाई नहीं दी। विपक्षी सदस्यों के आसन के निकट सरकार विरोधी नारेबाजी करने से सदन में अव्यवस्था की स्थिति बनते देख सभापति ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

मौजूदा मानसून सत्र में सदन में एक भी दिन शून्यकाल या प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी है। पहले दिन से ही विपक्षी सदस्य इन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहे हैं।

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