नयी दिल्ली , जुलाई 20 -- राज्यसभा ने अपने चार दिवंगत सदस्यों बलबीर के. पुंज , स्वपन साधन बोस, रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा के साथ-साथ कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाये जाने के बाद सदन को दिवंगत सदस्यों के निधन की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि श्री पुंज का गत 18 अप्रैल को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह 2000 से 2006 तक उत्तर प्रदेश और 2008 से 2014 तक ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य रहे थे। वह एक प्रख्यात पत्रकार, लेखक, विचारक और बुद्धिजीवी थे। उनके निधन से देश ने एक प्रख्यात सांसद, एक प्रतिष्ठित पत्रकार और एक निपुण लेखक को खो दिया है। सभापति ने कहा कि श्री बोस का देहांत गत 12 मई को 78 वर्ष की आयु में हुआ। उन्होंने 2005 से 2011 तक पश्चिम बंगाल राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। श्री बोस ने देश में फुटबॉल और खेल प्रशासन के प्रचार तथा विकास में अपने विशिष्ट योगदान की पहचान बनायी। उनके निधन से देश ने एक प्रख्यात खेल प्रशासक, एक सक्षम सांसद और एक समर्पित सार्वजनिक व्यक्तित्व को खो दिया है।
श्री रामकृष्ण का गत 4 जून को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 2012 से 2018 तक कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। उन्होंने कई दशकों तक सार्वजनिक सेवा में विशिष्ट करियर बनाया। भारतीय प्रशासनिक सेवा (राजस्थान कैडर: 1957) के सदस्य के रूप में, उन्होंने राजस्थान सरकार और भारत सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके निधन से देश ने एक समर्पित लोक सेवक और एक कुशल सांसद को खो दिया है।
श्री हनुमंथप्पा का पिछले सप्ताह 12 जुलाई को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 1982 से 2000 तक लगातार तीन कार्यकालों के लिए कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। उन्होंने अपने छात्र जीवन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में रचनात्मक सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। पेशे से वकील, उन्होंने रेलवे सेवा आयोग, बेंगलुरु के अध्यक्ष और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके निधन से देश ने एक प्रख्यात सांसद, एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता और एक उत्कृष्ट लोक सेवक को खो दिया है।
सभापति ने कहा कि यह सदन कतर के फादर अमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त करता है। उनका 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने जून 1995 से जून 2013 तक 18 वर्षों तक कतर के अमीर के रूप में सेवा की।
उन्होंने कहा कि यह सदन शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर शोक संतप्त परिवार, कतर सरकार और कतर की जनता के साथ शोक व्यक्त करती है।
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