नयी दिल्ली , जून 11 -- लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राज्यसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया कि "वोट चोरी" और "सरकार चोरी" के बाद अब भाजपा और चुनाव आयोग की कथित जुगलबंदी ने "सीट चोरी" का रास्ता अपना लिया है।
श्री राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे और उनके खिलाफ कोई लंबित मामला भी नहीं था। इसके बावजूद भाजपा की एक आपत्ति के आधार पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। वहीं झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने नामांकन पत्र में अपना नाम तक गलत लिखा था और कई अनिवार्य जानकारियां भी नहीं दी थीं। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने उन्हें सभी त्रुटियों को सुधारने के लिए अतिरिक्त समय प्रदान किया।
श्री गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही चुनाव आयोग ने दो उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया। उनके अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार को बिना सुनवाई का अवसर दिए अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे उम्मीदवार को नियमों का पालन न करने के बावजूद राहत दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा तो आयोग ने पहले मुलाकात से बचने की कोशिश की। बाद में हुई बैठक में भी आयोग ने कांग्रेस के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं और देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि भाजपा के लिए चुनाव जीतने की बजाय चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना अधिक आसान हो गया है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस मध्यप्रदेश और झारखंड राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी के मामले में शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली हैं।
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