भोपाल , जून 11 -- मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और पक्षपातपूर्ण बताया है।

कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जब चुनाव आयोग के पास हस्तक्षेप करने और निर्णय लेने के विशेष अधिकार हैं, तब कांग्रेस की आपत्ति पर समय रहते फैसला क्यों नहीं लिया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े मामलों में सक्रियता दिखाई जाती है, जबकि कांग्रेस के मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

बयान में कहा गया है कि यह प्रश्न केवल एक उम्मीदवार से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी निष्पक्षता से संबंधित है। कांग्रेस का कहना है कि यदि चुनाव आयोग नियमों, कानून और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करेगा तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

पार्टी ने कहा कि न्याय की उम्मीद में इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। कांग्रेस ने आशा व्यक्त की है कि न्यायालय इस मामले में ऐसा निर्णय देगा जो लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की गरिमा की रक्षा करने वाली नजीर स्थापित करेगा। यान में यह भी कहा गया कि संवैधानिक संस्थाएं किसी राजनीतिक दल की कठपुतली नहीं, बल्कि संविधान की संरक्षक हैं और उन्हें निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

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