बेंगलुरु , जून 07 -- कर्नाटक में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अभी यह तय नहीं कर पाया है कि जनता दल (एस) के दिग्गज एचडी देवेगौड़ा को राज्यसभा में एक और कार्यकाल मिलेगा या उनकी जगह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के किसी उम्मीदवार को मौका मिलेगा।

चुनाव आयोग ने नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 11 जून, जांच की तारीख 12 जून, उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख 15 जून और मतदान की तारीख 18 जून तय की है।

श्री देवेगौड़ा की उम्मीदवारी को लेकर बनी अनिश्चितता ने राजग के भीतर राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया है, खासकर ऐसे समय में जब भाजपा और जनता दल (एस) कर्नाटक में अपने गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा का एक धड़ा जहां श्री देवेगौड़ा के दोबारा नामांकन को भविष्य की चुनावी लड़ाइयों से पहले गठबंधन सहयोगी के साथ रिश्ते मजबूत करने वाले कदम के तौर पर देख रहा है, वहीं दूसरा इस सीट के लिए भाजपा उम्मीदवार का समर्थन कर रहा है।

राजनीतिक हलकों में पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और पार्टी नेता निर्मल कुमार सुराना के नामों की चर्चा हो रही है। वहीं दूसरी ओर सस्पेंस को और बढ़ाते हुए भाजपा के कर्नाटक प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा है कि राजग उम्मीदवार पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और इस मामले पर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व फैसला करेगा।

मामला अहम इसलिए है क्योंकि श्री देवेगौड़ा का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल इसी महीने खत्म होने वाला है। जनता दल (एस) के लिए अपने सबसे बड़े नेता को एक और कार्यकाल मिलना राजग में उसकी लगातार अहमियत को साबित करेगा।

यह चुनाव भाजपा के लिए इस बात का संकेत हो सकता है कि वह गठबंधन को संभालने और अपने नेताओं की उम्मीदों के बीच कैसे संतुलन बनाती है।

नामांकन की तारीख नजदीक आने के साथ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजग के फैसले को सिर्फ राज्यसभा चुनाव के तौर पर नहीं बल्कि कर्नाटक में भाजपा-जनता दल (एस) साझेदारी की भविष्य की दिशा के संकेत के तौर पर देखा जाएगा।

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