रांची , मई 22 -- झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच कांग्रेस ने महागठबंधन के भीतर एक सीट पर अपना दावा मजबूत तरीके से पेश किया है। झारखंड कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्य बंधु तिर्की ने कहा है कि राज्यसभा की दो सीटों में से एक सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए और उन्हें उम्मीद है कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाला झारखंड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस की दावेदारी को समझेगा।
बंधु तिर्की ने कहा कि जल्द ही प्रदेश प्रभारी के राजू रांची आएंगे, जिसके बाद पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक होगी और राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह करेगा कि गठबंधन धर्म के तहत कांग्रेस को एक सीट दी जाए।
वहीं कांग्रेस नेता प्रदीप बलमुचू के उस बयान से भी बंधु तिर्की ने दूरी बनाई, जिसमें बलमुचू ने आरोप लगाया था कि पिछले तीन राज्यसभा चुनावों में झामुमो ने कांग्रेस की "हकमारी" की है। बंधु तिर्की ने इसे बलमुचू का निजी बयान बताते हुए कहा कि महागठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक चल रहा है और कांग्रेस-झामुमो रिश्तों को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन दलों के आपसी सहयोग और सहमति से इंडिया ब्लॉक राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में महागठबंधन फिलहाल मजबूत स्थिति में है। गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 4 और सीपीआई-एमएल के 2 विधायक शामिल हैं।
राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में संख्या बल के आधार पर महागठबंधन दोनों सीटें आसानी से जीत सकता है।
दूसरी ओर विपक्षी खेमे में भारतीय जनता पार्टी के 21, जनता दल यूनाइटेड के 1, आजसू पार्टी के 1 और लोक जनशक्ति पार्टी के 1 विधायक हैं। कुल 24 विधायकों के साथ विपक्ष जरूरी आंकड़े से पीछे नजर आ रहा है।
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