पटना , सितम्बर 03 -- राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने गुरुवार को बिहार लोक भवन में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की।

राज्यपाल ने समीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल के अधिकतम मॉड्यूल्स को लागू करने तथा जंगली जानवरों के उपचार से संबंधित शोध परियोजनाएँ शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक लैब में विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षण दिलाने पर भी जोर दिया।

श्री हसनैन ने विश्वविद्यालय को कम्फेड के साथ समन्वय कर कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने तथा आईवीएफ के संबंध में आम लोगों को जागरूक करने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रशिक्षित लाइब्रेरियन की नियुक्ति, परिसर से बाहर रहने वाले विद्यार्थियों को सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराने, वेतन एवं पेंशन का ससमय भुगतान सुनिश्चित करने तथा एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की ओर से समय पर परीक्षाएँ आयोजित कराने तथा निर्धारित समय के भीतर परीक्षाफल प्रकाशित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कुलपति डॉ॰ इन्द्रजीत सिंह ने इस दौरान राज्यपाल को विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में मानव संसाधन, आधारभूत संरचना, केंद्रीय पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र, शोध एवं विकास, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल व्यवस्था एवं ई-गवर्नेंस से संबंधित कार्यों के बारे में बताया।

कुलपति ने विभिन्न प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत आईवीएफ परियोजनाओं, पाठ्येतर गतिविधियों, नेट-जीरो ऊर्जा संरक्षण पहल, लाइव स्टॉक फार्म कॉम्प्लेक्स, आधुनिक फार्म प्रबंधन तकनीकों सहित अन्य तकनीकी नवाचारों तथा ऑनलाइन किसान सलाह सेवाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने उन्नत भारत अभियान के तहत गोद लिए गए गाँवों, वेटरनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स तथा विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं चुनौतियों से भी राज्यपाल को अवगत कराया।

बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह तथा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना एवं राज्यपाल सचिवालय के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

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