बिहारशरीफ , जुलाई 15 -- बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय में ऑनलाइन क्लास स्टूडियो एवं मास कम्युनिकेशन स्टूडियो का शुभारंभ किया।राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय को मिली नई सुविधाओं के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह डिजिटल शिक्षा और आधुनिक संचार को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में संचार परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है तथा भारत को इसके माध्यम से अपनी सभ्यतागत विरासत और उपलब्धियों की कहानी विश्व के समक्ष आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करनी चाहिए।
श्री हसनेन ने छात्रों एवं शिक्षकों से सोशल मीडिया, पॉडकास्ट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए नालंदा की गौरवशाली विरासत, बिहार की बौद्ध परंपरा और भारत की समृद्ध सभ्यतागत धरोहर पर आधारित प्रभावशाली लघु डिजिटल सामग्री तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होंगे।
राज्यपाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों से उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा उन्हें अध्ययन, अध्यापन और संचार का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जो लोग समय के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता को नहीं अपनाएँगे, वे तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में पीछे रह जाएँगे।
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