मुक्तेश्वर , जून 16 -- उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मंगलवार को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), मुक्तेश्वर में 'खेत बचाओ अभियान' का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कृषि, पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को गांवों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य किसानों और ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक उपलब्धियों का लाभ तभी सार्थक होगा, जब वह खेतों और गांवों तक पहुंचे तथा किसानों और पशुपालकों की समस्याओं का समाधान करे।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन आजीविका के प्रमुख साधन हैं। ऐसे में वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक शोध को किसानों तक पहुंचाकर उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने वैज्ञानिकों से अनुसंधान को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर सीधे किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने पशुधन आधारित गतिविधियों जैसे डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मधुमक्खी पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताते हुए युवाओं को इन क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से कृषि और पशुपालन को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है।

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