जगदलपुर , मई 04 -- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका ने सोमवार को बस्तर संभाग में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ''इनोवेशन महाकुंभ 1.0'' का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में मजबूत शुरुआत है।

राज्यपाल ने कहा कि नवाचार का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि मानव जीवन को सरल बनाना और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ें। पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, माइक्रो प्लास्टिक और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की पारंपरिक कला, संस्कृति और वन संपदा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और वनोपज को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर बल दिया।

विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि असफलता से घबराने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना ही सफलता की कुंजी है। युवाओं को स्टार्टअप संस्कृति अपनाने और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

राज्यपाल ने बस्तर में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों-महुआ, इमली, तेंदूपत्ता और रेशम-के मूल्य संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि कच्चा माल बेचने के बजाय स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग कर आर्थिक सशक्तिकरण हासिल किया जा सकता है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप बिजनेस, इंस्टाग्राम और ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की बात कही।

उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर आधारित हो गई है।

विश्वविद्यालय द्वारा "ज्ञान से व्यवसाय" मॉडल के जरिए छात्रों को स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की गई।

इस दौरान ''इनोवेशन एंड स्टार्टअप कंपेंडियम 2026'' का विमोचन किया गया और पद्मश्री सम्मानित बुधरी ताती को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए युवाओं ने स्टार्टअप और नवाचार से जुड़े स्टॉल में रुचि दिखाई।

इसी क्रम में कलेक्टोरेट जगदलपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने कहा कि बस्तर अब शांति और विश्वास का केंद्र बन चुका है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में नवाचार आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करने और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने जल संरक्षण, पौधारोपण, जैविक खेती, पशुपालन, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया।

कार्यक्रम के दूसरे दिन समापन सत्र की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अध्यक्षता करेंगे, जहां उत्कृष्ट स्टार्टअप, नवाचार और युवा उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा।

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