पौड़ी , मई, 10 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय लैंसडाउन प्रवास के दूसरे दिन रविवार को सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, वीर नारियों का सम्मान किया तथा जनपद में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला एवं सैन्य प्रशासन के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया।

राज्यपाल ने कार्यक्रम की शुरुआत वॉर मेमोरियल में पुष्पांजलि अर्पित कर की। उन्होंने राष्ट्र रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश सदैव उनके त्याग और बलिदान का ऋणी रहेगा। इसके बाद आयोजित सैनिक सम्मेलन में वीर माताओं, वीर नारियों, सेवारत सैनिकों और पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को गौरवपूर्ण और भावनात्मक बना दिया।

सम्मेलन में राज्यपाल ने गढ़वाल राइफल्स को उसकी गौरवशाली सैन्य परंपराओं और उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स देश की शौर्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की अमिट पहचान रही है तथा विपरीत परिस्थितियों में भी इस रेजिमेंट ने अदम्य साहस का परिचय दिया है।

कार्यक्रम के दौरान वीर शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित किए जाने पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित सैनिकों और नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के पीछे उनके परिवारों, विशेषकर वीर नारियों का त्याग और धैर्य सबसे बड़ी शक्ति होती है।

सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सेना में बिताए उनके 40 वर्षों का अनुभव उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। उन्होंने उत्तराखंड को वीर सैनिकों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां के युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना जन्मजात होती है। उन्होंने 139 वर्ष पूरे कर चुकी गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट को देश का गौरव बताया।

गढ़वाल राइफल्स सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आत्मीय जुड़ाव सैनिकों के मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के प्रेरणादायी शब्द जवानों को और अधिक समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेंगे।

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