भोपाल , फरवरी 16 -- राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के साथ ही आज से मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई।
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने लगभग 20 मिनट चले संबोधन के दौरान राज्य सरकार की उपलब्धियों का वर्णन करने के साथ आगामी कार्ययोजना का खाका भी रखा। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की ओर से मौजूदा वर्ष को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के तौर पर मनाए जाने का विवरण भी दिया। उन्होंने राज्य सरकार को पिछले साल राजधानी भोपाल में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन समेत ऐसे अन्य आयोजनों से प्राप्त निवेश प्रस्तावों का भी उल्लेख किया।
राज्यपाल ने नदी जोड़ो परियोजना में राज्य सरकार की उपलब्धियों और जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।
राज्यपाल के संबोधन के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव पर चर्चा के लिए मंगलवार 17 फरवरी की तारीख नियत की। कृतज्ञता प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने प्रस्तुत किया, जिसका पार्टी विधायक अर्चना चिटनिस ने समर्थन किया।
इसी बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण के बीच ही खासा हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि अभिभाषण के वे पन्ने पढ़े नहीं गए हैं, जिनमें स्वच्छ पेयजल से जुड़ी बातें शामिल की गई हैं। कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने भी उनकी बात का समर्थन किया। कांग्रेस विधायक सोहन लाल वाल्मीक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायकों के माइक बंद कर दिए गए हैं।
विधानसभा के आज से शुरु हुए बजट सत्र में कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। छह मार्च तक प्रस्तावित सत्र में राज्य सरकार का बजट 18 फरवरी को पेश किया जाएगा। हालांकि बजट सत्र के दौरान राज्य में दूषित पेयजल और विषाक्त कफ सिरप से हुई मौतों के अलावा तीन मंत्रियों के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग को लेकर समूचे सत्र की अवधि में कांग्रेस की ओर से हंगामा किए जाने के आसार हैं।
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