चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सुखना झील पर आयोजित चंडीगढ़ के पहले हुनर उत्सव 2026 का उद्घाटन किया।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय 'कौशल, संस्कृति, समृद्धि' रखा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, रचनात्मकता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और स्कूल शिक्षा निदेशक नितिश सिंगला भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

प्रशासक ने विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित उत्पादों, कपड़ा हस्तशिल्प, सजावटी वस्तुओं और अन्य रचनात्मक कार्यों का प्रदर्शन किया। इस मंच के माध्यम से उन्हें ग्राहकों से संवाद करने, अपने उत्पादों की जानकारी देने और बाजार की मांग समझने का अवसर मिल रहा है।

उत्सव में 'सुई धागा कला' के तहत फैशन और कपड़ा हस्तशिल्प, 'सज्जावट' में दीये, मोमबत्तियां और तोरण प्रदर्शित किए गए। 'रूप निखार' में सौंदर्य एवं वेलनेस, 'मेहंदी घर' में मेहंदी डिजाइन तथा 'इंक एंड ग्लैम' में नेल आर्ट और टैटू कला से संबंधित गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 'स्वाद वाटिका' में विद्यार्थियों ने विभिन्न व्यंजन प्रस्तुत कर पाक कला का प्रदर्शन किया।

समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए 'हम किसी से कम नहीं' के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों को सामने लाया गया। 'उल्लास' में वयस्क शिक्षा से जुड़ी पहल प्रदर्शित की गई, जबकि 'सोचो, समझो, जीतो' में कौशल आधारित खेलों के जरिए तार्किक सोच और समस्या समाधान को प्रोत्साहित किया गया।

प्रशासन के अनुसार हुनर उत्सव विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ने और स्वरोजगार की संभावनाएं समझने का अवसर देता है। विभाग ने शहरवासियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक सुखना झील पहुंचकर प्रदर्शनी देखने और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित