जम्मू , सितंबर 09 -- जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने राजौरी जिले में स्वास्थ्य विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 20,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में ट्रेजरी कार्यालय के एक लिपिक को गिरफ्तार किया है।

एसीबी के प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी की पहचान कालाकोट स्थित ट्रेजरी कार्यालय में तैनात क्लर्क खादम हुसैन के रूप में हुई है। उसने शिकायतकर्ता से उसकी 50,000 रुपये की ग्रेच्युटी राशि की निकासी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में 25,000 रुपये की मांग की थी।

प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिकायतकर्ता अपनी 50,000 रुपये की ग्रेच्युटी राशि निकालने के लिए ट्रेजरी कार्यालय, कालाकोट पहुंचे थे, तभी खादम ने उनके मामले को संसाधित करने के लिए रिश्वत की मांग की।

शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता अपनी ग्रेच्युटी की निकासी के संबंध में ट्रेजरी कार्यालय, कालाकोट गये थे और खादम से मिले थे। बातचीत के दौरान आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता की ग्रेच्युटी राशि की निकासी के मामले को आगे बढ़ाने के लिए अवैध रूप से 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने खुद को गरीब बताते हुए आरोपी अधिकारी से अपनी आर्थिक स्थिति पर विचार करने का अनुरोध किया, लेकिन आरोपी लगातार 25,000 रुपये की रिश्वत मांगने पर अड़ा रहा। इसके बाद रिश्वत की रकम पर बातचीत हुई और यह 20,000 रुपये में तय हुई।

प्रवक्ता ने बताया, "चूंकि शिकायतकर्ता कोई रिश्वत नहीं देना चाहता था और इस अवैध मांग के आगे झुकना नहीं चाहता था, इसलिए उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया और आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दर्ज करायी।" शिकायत मिलने पर आरोपों का सत्यापन किया गया और मामला दर्ज करने के बाद जाल बिछाने के लिए एसीबी पुलिस थाने राजौरी के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम का गठन किया गया। इस अभियान में एसीबी की टीम ने खादम हुसैन को शिकायतकर्ता से अवैध रिश्वत के रूप में 20,000 रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी अधिकारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद मामले के सिलसिले में राजौरी स्थित आरोपी के आवासीय परिसर की भी तलाशी ली गयी।

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