चंडीगढ़ , मई 05 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा अपने विधायकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सामने पेश करने को नौटंकी करार दिया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत निर्वाचित विधायकों को वापस बुलायाजा सके।

पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में राजा वडिंग ने कहा कि विधायकों को दिल्ली ले जाकर पेश करना आप की उसी ड्रामेबाजी का हिस्सा है, जिसके सहारे पार्टी अब तक चलती रही है। उन्होंने सवाल किया, "अपने विधायकों को राष्ट्रपति के सामने पेश करने का उद्देश्य क्या है?"उन्होंने कहा कि कोई भी यह नहीं कह रहा है कि पंजाब में आप ने बहुमत खो दिया है। कई बार मुख्यमंत्री बहुमत साबित करने के लिए अपने विधायकों को राष्ट्रपति के सामने पेश करते हैं, लेकिन पंजाब में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा से अलग हुए सांसदों को वापस बुलाने की मांग को लेकर आप द्वारा अपनाया गया रुख न तो कानूनी है और न ही संवैधानिक आधार रखता है। उन्होंने कहा कि एक बार कोई व्यक्ति विधानसभा, लोकसभा या राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो जाये, तो उसे वापस नहीं बुलाया जा सकता, केवल अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आप यह बात अच्छी तरह जानती है, लेकिन फिर भी जनता का ध्यान भटकाने और राष्ट्रीय राजधानी में सुर्खियां बटोरने के लिए यह नाटक किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि आप कह रही है कि सांसदों ने पार्टी से विश्वासघात किया है, तो राजा वडिंग ने पलटवार करते हुए कहा, " क्या उन्होंने पंजाब के लोगों और अपने स्वयंसेवकों से विश्वासघात नहीं किया, जब दो बाहरी लोगों, कारोबारियों और उद्योगपतियों को राज्यसभा भेजा गया?"उन्होंने कहा कि आप वही काट रही है, जो उसने बोया था। उन्होंने टिप्पणी की, "अब पछताये होत क्या, जब चिड़िया चुग गयी खेत।" उन्होंने कहा कि आप ने बड़े अरबपति उद्योगपतियों से समझौते किये थे, जिन्होंने पार्टी की अपने कथित सिद्धांत 'साम, दाम, दंड, भेद' के अनुसार मदद की। यदि वे लोग अब दूसरा रास्ता चुन चुके हैं, तो इसके लिए आप को खुद को दोष देना चाहिए, न कि कहीं और समाधान ढूंढना चाहिए।

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