पटना , मई 26 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए अधिकारियों को 15 दिन की समय-सीमा तय करते हुए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में सोमवार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार राजस्व कार्यों की समीक्षा शुरू की गई। पहले दिन पश्चिमी चंपारण, सहरसा एवं वैशाली जिलों के राजस्व कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान विभाग के सचिव जय सिंह ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा, सरकारी जमीन के वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, जन शिकायत, सहयोग शिविर के आवेदन, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं एडीएम स्तर पर लंबित मामलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान मंत्री डॉ. जायसवाल ने सभी लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बाद पुनः समीक्षा की जाएगी और प्रगति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने दाखिल-खारिज मामलों में डिफेक्ट चेक प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आवेदनों में कमियों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए,जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित मामलों के निपटारे के लिए सुबह से देर रात तक सातों दिन कार्य करें। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण लंबित हुए कार्यों को अतिरिक्त प्रयासों से ही पूरा किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने परिमार्जन कार्यों में तेजी लाने और फॉर्मर रजिस्ट्रेशन अभियान को गति देने पर जोर दिया।
बैठक में पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी तरनजीत सिंह, वैशाली की जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह तथा सहरसा के प्रभारी जिलाधिकारी शामिल हुए। वैशाली की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विधायक अवधेश कुमार सिंह तथा सहरसा की बैठक में विधायक आईपी गुप्ता, डॉ. गौतम कृष्ण एवं संजय कुमार सिंह उपस्थित थे।
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