पटना , जनवरी 16 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि राजस्व प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
श्री सिन्हा ने आज बयान जारी कर कहा कि सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य जन-सुनवाई, शिकायतों का डिजिटल संधारण तथा कार्यालयों में नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता से व्यवस्था और अधिक जवाबदेह बनेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू सात निश्चय-3 के तहत 'सबका सम्मान-जीवन आसान' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए विभाग का लक्ष्य है कि राजस्व से जुड़ी हर सेवा समयबद्ध हो और आम लोगों का विश्वास और मजबूत हो।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व प्रशासन को और अधिक लोक उपयोगी, प्रभावशाली एवं जनहित के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राज्य के सभी राजस्व पदाधिकारी सप्ताह के दो कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों की शिकायतें सुनेंगे।
यह व्यवस्था 19 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी।यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लिए गए सात निश्चय-3 (2025-2030) के अंतर्गत स्तंभ-7 सबका सम्मान-जीवन आसान के निर्णय को लागू करने के लिए लिया गया है। इस स्तंभ के तहत आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने पर विशेष बल दिया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित