जयपुर , अगस्त 07 -- राजस्थान सरकार ने पंचायत राज चुनाव एवं स्थानीय निकाय चुनाव वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा पर कराये जाने, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की अनुशंसाएं स्वीकृत, किसानों की आय बढ़ा कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 एवं राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 का अनुमोदन, ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसी लाने, पर्यावरण संरक्षण एवं श्रम सुधारों से सम्बन्धित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की आयोजित बैठक में ये निर्णय लिए गये। बैठक के बाद प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी। श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश में आगामी पंचायत राज चुनाव एवं स्थानीय निकाय चुनाव वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा पर कराये जाने का निश्चय किया गया।
उन्होंने बताया कि पंचायत राज एवं स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर होने के कारण विकास कार्यों की गति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विकास की गति को सुचारू बनाए रखने तथा धन, श्रम एवं समय की बचत की सोच के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नगरीय निकाय तथा पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा पर करवाने के सम्बन्ध में वर्ष 2024-25 के बजट में घोषणा की थी।
उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की अनुशंसाएं 5 अगस्त 2026 को राज्य सरकार को प्राप्त हो गयी हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में इन सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के साथ ही नगरीय निकाय एवं पंचायत राज अधिनियम में एससी, एसटी वर्ग के साथ-साथ ओबीसी आरक्षण का प्रावधान किये जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अनुमोदन के उपरांत अब इन वर्गों की सीटों के आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया प्रारम्भ की जायेगी।
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