जयपुर , फरवरी 27 -- राजस्थान विधानसभा में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि राज्य सरकार गांवों को सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर है और प्रदेश के सभी गांवों को चरणबद्ध रूप से स्ट्रीट लाइट से रोशन करने के साथ ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थापित मंदिरों के नाम पट्टे जारी तथा गांवों की परिसम्पत्तियों को सूचीबद्ध कराकर ऑनलाइन करने एवं अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाये जायेंगे और अब शहरों की तरह गांवों में भी वाहनों से घर-घर कचरा एकत्रित किया जाएगा।
श्री दिलावर गुरुवार रात पंचायती राज विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। इसके बाद सदन ने पंचायती राज विभाग की 129 अरब 17 करोड़ 53 लाख 25 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी। इससे पहले श्री दिलावर ने कहा कि अब ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थापित मंदिरों के नाम पट्टे जारी किए जाएंगे। ड्रोन सर्वे के आधार पर क्रियान्वित की जा रही है। इससे उनमें पानी, बिजली कनेक्शन सहित अवाप्त भूमि होने की परेशानियों से समाधान मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत 13 लाख लोगों को पट्टे वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज के सभी कार्यालयों में प्रतिदिन सुबह राष्ट्रगीत और कार्यालय समय समाप्त होने पर राष्ट्रगान गाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों को चरणबद्ध रूप से स्ट्रीट लाइट से रोशन किया जाएगा। उन्होंने गांवों की परिसम्पत्तियों को सूचीबद्ध कराकर ऑनलाइन कराने, अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के लिए घोषणा की। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण करने वाले स्वयं हट जाए, नहीं तो राज्य सरकार बाजार मूल्य से कीमत वसूलकर अतिक्रमण हटाएगी। इसके लिए नियम बनाए जाएंगे। गांवों के तालाब क्षेत्र में योजना बनाकर अतिक्रमण हटाते हुए सफाई कराएंगे। ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं और निर्माण कार्यों की सूचना पोर्टल पर अपलोड की जा रही है, जिससे पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने राज्य सरकार को गांवों में स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए कहा कि इसके लिए अब शहरों की तरह गांवों में वाहनों से घर-घर कचरा एकत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार राजस्थान में बीएसआर दर पर ऐसे कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यों में गुणवत्ता कम आने पर संबंधितों से राशि वसूल करेंगे। गुणवत्ता के लिए पंचायत समितियों में जांच लैब क्रियाशील की जा रही हैं। उन्होंने सदन के जरिए अधिकारियों को पंचायतों में होने वाली बैठकों के बाद रजिस्टर में लिखे जाने वाले कार्यवाही विवरण का निष्कर्ष भी लिखे जाने के निर्देश दिए।
श्री दिलावर ने पंचायतों में नियमित जनसुनवाई करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों को पोर्टल पर अपलोड करें ताकि समयबद्ध निस्तारण हो सके। इसके लिए हर स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर की तरह जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी जनसुनवाई करेंगे। गांवों के विकास में बेहतर प्रदर्शन करने, नशा मुक्त और अपराध मुक्त गांव बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि नगर पालिका के नियमों की तरह अब ग्राम पंचायतों में मांस बिक्री के लिए लाईसेंस लेने होंगे। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ कमर्शियल दुकानों में ही बिक्री करनी होगी। नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री दिलावर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी बढ़ती जा रही है। इसके लिए योजना बनाकर आबादी क्षेत्र का विस्तार करते हुए नियमानुसार पट्टे दिए जाने संबंधित घोषणा की। उन्होंने ग्राम सेवा शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अभियान चलाकर समयबद्ध निस्तारण के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई ग्राम पंचायत और पंचायत समितियों में बैठक बुलाकर स्थगित कर दी जाती है। अब प्रधान और सरपंच की अनुपस्थिति में उप प्रधान या वरिष्ठ सदस्य अध्यक्षता करते हुए बैठक तय समय पर ही आयोजित करेंगे।
उन्होंने कहा कि लिपिक भर्ती-2013 में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। फर्जी अनुभव और अंकतालिता के प्रकरण भी देखने को मिले हैं। साथ ही, कई अधिकारियों द्वारा इस सम्बंध में रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा रही है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करेंगे। श्री दिलावर ने सदन में एसओजी से इस प्रकरण की जांच कराने के लिए घोषणा की।
श्री दिलावर ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को हर महीने में चार बार गांवों में जाकर रात्रि चौपाल करने और रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी गांवों में नहीं जाएंगे, उनके वाहन वापस लेकर पूल में जमा करा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब अधिकारी अपने क्षेत्र के अलावा दूसरे अधिकारियों के क्षेत्र में जाकर भी निरीक्षण कर सकेंगे।
उन्होंने अपने विभागीय कार्यालयों में भारत निर्मित वस्तुओं के इस्तेमाल ही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विदेशी वस्तुएं मिलने पर संबंधित अधिकारी से वसूली करेंगे। अतिआवश्यक होने पर ही बाहर की वस्तुओं में छूट रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने घुमन्तुओं को 20 हजार भूखंड दिए हैं, उनकी रजिस्ट्री हुई है या नहीं साथ ही उन्होंने घर बनाया है या नहीं, इसकी भी सुनिश्चिता की जाएगी।
श्री दिलावर ने कहा कि अब दो लाख रुपए तक का पट्टा नीलामी के जरिए ग्राम पंचायत दे सकेगी। साथ ही, पांच लाख रुपए तक के मामलों में पंचायत समिति, 10 लाख रुपए तक के लिए जिला परिषद, 15 लाख रुपए तक के लिए संभागीय आयुक्त और 15 लाख से अधिक के मामलों में राज्य सरकार का अनुमोदन आवश्यक होगा। उन्होंने इस संबंध में घोषणा की।
उन्होंने कहा कि पंचायत समिति स्तर पर 20 हैक्टेयर क्षेत्र में गौवंश के लिए आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। उनके लिए तालाब बनाने के साथ पौधारोपण किया जाएगा। इसमें 400 करोड़ रुपए की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा।
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