जयपुर , जनवरी 12 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार को कार्मिकों के कल्याण, उनके हितों की रक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए सदैव तत्पर बताते हुए कहा है कि कर्मचारियों की सेवाओं के माध्यम से ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों के लक्ष्यों को पूरा कर पाती है और महिला, युवा, मजदूर और किसान के कल्याण का मार्ग कार्मिकों की निष्ठा और समर्पण से ही प्राप्त हो सकता है।
श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्मिक राज्य प्रशासन के आधार हैं और कर्मचारी संगठन इस आधार को और मजबूत करते हैं। राज्य सरकार इन संगठनों के माध्यम से प्राप्त प्रदेश के कार्मिकों की आशाओं, अपेक्षाओं और सुझावों को यथासंभव बजट में स्थान देने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि विभाग अपनी विभागीय समितियों के माध्यम से कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी प्रशासनिक मांगों पर चर्चा कर उनका यथासंभव निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं। कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए कार्मिक विभाग में कर्मचारी कल्याण अनुभाग का गठन भी किया गया है वहीं नियमों एवं पदोन्नति से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए भी समय-समय पर आवश्यक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत प्रदान की जा रही है।
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