जयपुर , अप्रैल 11 -- राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत दिसंबर 2023 के बाद से अब तक 93 लाख से अधिक लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है।

राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि एनएफएसए के तहत उपलब्ध स्थानों में दिव्यागों, पुत्रवधू, परिवार के नए बच्चों सहित पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता से जोड़ते हुए करीब 13 लाख पात्र वंचितों को वर्ष 2024 में खाद्य सुरक्षा से लाभान्वित किया गया।

एनएफएसए में उपलब्ध रिक्तियों के भर जाने के उपरांत ओर अधिक वंचित पात्रों को निशुल्क राशन देने के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में स्थान बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'गिव इट अप' अभियान से प्रेरणा लेकर एक नवंबर 2024 को गिव अभियान शुरू किया गया। इसके तहत खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल संपन्न परिवारों से पात्रों के हक में स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा त्यागने के लिए व्यापक अपील की गई। इसमें लगभग 55.40 लाख अपात्रों द्वारा स्वप्रेरणा से अपनी खाद्य सब्सिडी छोड़ने एवं 27 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं करवाने के कारण बनी रिक्तियों से नए लाभार्थियों के लिए जगह बनी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कर कमलों से 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन प्रारंभ होने के उपरांत राज्य सरकार द्वारा अपात्रों के खाद्य सुरक्षा छोड़ने से एनएफएसए में बनी रिक्तियों पर 80 लाख से अधिक पात्र वंचितों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। इस प्रकार कुल 93 लाख से अधिक लाभार्थियों को दिसंबर 2023 के बाद खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया। ये वे लोग हैं जो विभिन्न कारणों से खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित रह गए थे जबकि उन्हें इसका वास्तविक हक था।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में चार करोड़ 42 लाख 28 हजार 480 पात्र लाभार्थी निःशुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा अपात्रों को हटाकर पात्रों को जोड़ने की पहल सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनी है।

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