जयपुर , सितम्बर 12 -- राजस्थान में अब तक 16,003 मरीजों को एक लाख 17 हजार 258 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

इन सेवाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई गई उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य करीब 21.11 करोड़ रुपए है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 35 जिला चिकित्सालयों में 149 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त तक प्रदेश में 4265 मरीजों को 31,675 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा दी जा चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 35 केंद्रों पर 3489 मरीजों के 25 हजार 860 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 776 मरीजों के 5815 सेशन शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 11,738 मरीजों को 85,583 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के 35 केंद्रों पर 8507 मरीजों के 65,148 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिन्हित चिकित्सा संस्थानों में 3198 मरीजों के 19,187 सेशन शामिल हैं।

श्रीमती राठौड़ ने कहा कि राज्य बजट घोषणा वर्ष 2022-23 की अनुपालना में प्रदेश के 182 चिकित्सा संस्थानों में हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इनमें से 102 चिकित्सा संस्थानों में सुविधा उपलब्ध है। शेष संस्थानों में चिकित्सकों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा 30 सितम्बर 2026 तक सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि सरकारी व्यवस्था के साथ सीएसआर के माध्यम से भी निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय नदबई (भरतपुर) एवं उपजिला चिकित्सालय सिवाना (बालोतरा) में हंस फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से यह सुविधा संचालित है। सिवाना में तीन मशीनों के माध्यम से 12 मरीजों के 575 सेशन तथा नदबई में तीन मशीनों के माध्यम से 21 मरीजों के 673 सेशन आयोजित किए गए हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित