जयपुर , अप्रैल 30 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार की दूरगामी नीतियों एवं निर्णयों के माध्यम से उच्च शिक्षा तक के स्तर पर आधारभूत संरचनाओं का विकास और विस्तार सुनिश्चित करते हुए बेटियों को सुलभ शिक्षा के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा बालिका शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

श्री शर्मा गुरुवार को पाली जिले के रोहट में श्री राजेश्वर भगवान आंजणी माता कन्या गुरुकुल संस्थान द्वारा नवनिर्मित कन्या महाविद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम तथा कन्या गुरुकुल के दसवें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इस दृष्टि से यह कन्या महाविद्यालय बेटियों को शिक्षा देने में अहम भूमिका निभाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय क्षेत्र की जल आवश्यकता की पूर्ति के लिए डीपीआर बनवाने की घोषणा भी की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप राज्य सरकार ने युवा, महिला, किसान एवं मजदूर के उत्थान को केन्द्र में रखकर प्रदेश के विकास का रौडमेप बनाया है। इस रौडमेप में बिजली-पानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। राम जल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, सोम-कमला-अम्बा आदि को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने पाली क्षेत्र की योजनाओं एवं विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 24 जिलों में किसानों को दिन के समय में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जो वर्ष 2027 तक पूरे प्रदेश में उपलब्ध होगी। राज्य सरकार युवाओं को निजी क्षेत्र में छह लाख एवं सरकारी क्षेत्र में चार लाख रोजगार के लक्ष्य पर कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। लगभग एक लाख 25 हजार सरकारी पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है और एक लाख 33 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया में है वहीं सवा लाख पदों का भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है। निजी क्षेत्र में तीन लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक से युवाओं के सपने टूटे, लेकिन हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने एवं उनके सम्मान के लिए प्रभावी नीतियों एवं योजनाओं की रूपरेखा बनाई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान प्रारम्भ किया जिससे बालिका लिंगानुपात बढ़ा वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण कराकर महिलाओं की गरिमा सुनिश्चित की। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर-नल से जल भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में 23 से 25 मई को ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)- 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें किसान, पशुपालक के साथ-साथ देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और निवेशक भाग लेंगे। उन्होंने किसानों को इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में 71 नए राजकीय महाविद्यालय खोलने के साथ ही, 185 नए राजकीय महाविद्यालयों के भवनों का लोकार्पण किया है। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे पांच साल में केवल 57 महाविद्यालयों के भवन ही बनवाए थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भवनों के निर्माण, उन्नयन एवं जीर्णाद्धार के लिए 125 करोड़ रुपये स्वीकृत, पीजी स्तर के 50 और यूजी स्तर के 73 महाविद्यालयों में नए विषय प्रारम्भ, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 330 करोड़ रूपये का अनुदान स्वीकृत करने के साथ ही, मेधावी छात्राओं को 43 हजार से अधिक स्कूटियों का वितरण किया है।

गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने एवं महिलाओं को प्रतिनिधित्व अधिकार देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शर्मा ने भी राजस्थान में आमजन के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि साध्वी भगवती बाईजी बालिका शिक्षा के क्षेत्र में नेक कार्य कर रही हैं। इनके संरक्षण में कन्या महाविद्यालय प्रारंभ होने से स्थानीय क्षेत्र की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।

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