जयपुर , मई 12 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नीट (यूजी) परीक्षा के पेपर लीक होने संबंधी खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे देश और प्रदेश के लाखों होनहार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।

श्री जूली ने नीट (यूजी) परीक्षा रद्द होने के बाद मंगलवार को अपने बयान में कहा कि पेपरलीक संबधी मामले में राजस्थान के सीकर और अन्य स्थानों का नाम प्रमुखता से आना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। आज प्रदेश के लाखों परीक्षार्थी और उनके अभिभावक गहरे संशय और मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पर्दे के पीछे छिपे असली दोषियों को बेनकाब किया जा सके।

उन्होंने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी चुनावी जनसभाओं में बड़े-बड़े दावे करते थे कि उनकी सरकार के समय पेपर लीक नहीं हुए लेकिन हकीकत आज सबके सामने है। श्री जूली ने सवाल उठाया कि इससे पहले भी ओएमआर शीट में हुई गड़बड़ियों को लेकर सरकार ने आज तक स्थिति साफ क्यों नहीं की। ओएमआर शीट घोटाले पर छाई चुप्पी के बीच अब नीट पेपर लीक की खबरों ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है।

उन्होंने कहा कि केवल मंचों से भाषण देने और धरातल पर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने में बड़ा अंतर होता है, जिसका खामियाजा आज युवा भुगत रहे हैं। श्री जूली ने कहा कि यह वही भाजपा है जिसने पूर्व में पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जमकर राजनीति की और प्रदेश के युवाओं को गुमराह कर सत्ता की सीढ़ी चढ़ी। आज जब इनके शासन में नीट (यूजी) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा का पेपर लीक होने की खबरें आ रही हैं, तो इनका दोहरा चेहरा उजागर हो गया है।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए थी, क्योंकि यह किसी दल का नहीं बल्कि देश के भविष्य का सवाल है। भाजपा ने पहले युवाओं को बरगलाया और अब खुद उन्हीं के कार्यकाल में पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, जो इनकी प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

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