जयपुर , मई 30 -- राजस्थान में तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पादों के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे विशेष प्रयासों के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार तक सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोटपा) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पर कुल 2137 चालान किए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि गत 22 से 30 मई तक कोटपा के तहत राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान प्रदेशभर में औषधि नियंत्रण अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर निरीक्षण, प्रवर्तन कार्रवाई एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और 29 मई तक कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पर कुल 2137 चालान किए गए।

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि जयपुर सर्वाधिक 290 चालानों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त भरतपुर में 216, जोधपुर में 202, अलवर में 149 तथा नागौर में 130 चालान किए गए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003 तथा इलैक्ट्रोनिक सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम-2019 के तहत प्रभावी एन्फोर्समेन्ट कार्यवाही संपादित की जा रही है। वर्ष 2025-26 में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003 के तहत कुल एक लाख 36 से अधिक चालान कार्यवाही की गई। इसी प्रकार इलैक्ट्रोनिक सिगरेट के प्रतिषेध अधिनियम-2019 तथा हुक्का बार प्रतिबन्ध अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई है।

प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। तम्बाकू लत छुड़ाने के उपचार के लिए निकोटिन रिपलेसमेन्ट थेरेपी को आवश्यक दवा सूची में सम्मिलित कर आरएमएससीएल के माध्यम से सीएचसी स्तर तक उपलब्ध करायी जा रही है। डेन्टल क्लिनिक्स के संचालन के पश्चात राज्य में तम्बाकू मुक्ति के लिए काउन्सलिंग तथा उपचार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गत दिसम्बर से अप्रैल तक कुल 31 हजार 669 तम्बाकू उपभोगियों की तम्बाकू छोडने के लिए काउन्सलिंग, 9 हजार 584 रोगियों का उपचार किया गया है। साथ ही 1 हजार 541 रोगियों के द्वारा तम्बाकू उत्पादों का उपभोग छोडना रिपोर्ट किया गया है।

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि तम्बाकू मुक्त विद्यालय के तहत 83 हजार से अधिक विद्यालयों में तम्बाकू मुक्त विद्यालयो में इंडिकेटर्स की पालना करवाई गई है। आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 13 हजार 744 गांवों में तम्बाकू उत्पादों के प्रभावी नियंत्रण के संबंध में प्रस्ताव पारित किये गये। गांवों में तम्बाकू नियंत्रण में 32 हजार 380 अग्रणी व्यक्तियों को तम्बाकू मॉनिटर/एम्बेसेडर बनाकर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई हैं।

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