उदयपुर , मई 04 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने अपने तीन बजट में उदयपुर संभाग में 900 करोड़ रूपए से अधिक की जल परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनका कार्य प्रगति पर है।

राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेशसिंह रावत ने सोमवार को यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार का ध्येय है कि हर व्यक्ति को पेयजल और हर खेत को सिंचाई जल उपलब्ध हो। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में उदयपुर संभाग में चल रही जल परियोजनाओं के लिए 275 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले तीन बजट में कुल 900 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। उदयपुर की बहुप्रतीक्षित देवास तृतीय एवं चतुर्थ चरण का कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को उक्त परियोजना दिसम्बर 2027 तक हर हाल में पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी प्रकार तकरीबन 200 करोड़ की लागत से बागोलिया फीडर का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इससे मावली क्षेत्र में पेयजल के साथ-साथ 3700 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। राजसमंद जिले में 131 करोड़ की लागत से खारी फीडर का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने प्रदेश के अन्य हिस्सों में चल रही जल परियोजनाओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि रामजल सेतु परियोजना का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर राज्य के आधे जिलों में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

श्री रावत ने बताया कि दक्षिण राजस्थान की अति महत्वाकांक्षी जाखम -जयसमंद-बड़गांव-मातृकुण्डिया जल परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करा ली गई है। करीब 10 हजार करोड़ की इस परियोजना की मंजूरी के लिए केंद्रीय जल आयोग में भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को मूर्त रूप देने पर कार्य किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना पूर्ण होने पर दक्षिण राजस्थान में पेयजल और सिंचाई की समस्या का काफी हद तक समाधान हो पाएगा। वहीं जल स्रोतों के अधिशेष पानी का भी सदुपयोग हो सकेगा।

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