श्रीगंगानगर , अप्रैल 03 -- राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को दोपहर बाद श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों में तेज हवाएं चली और भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई जिससे खेतों में पकी हुई फसलों-खासकर गेहूं को भारी नुकसान पहुंचा।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में श्रीगंगानगर जिले का सूरतगढ़ उपखंड का टिब्बा इलाका, हनुमानगढ़ जिले की अर्जुनसर से पल्लू की ओर और इन दोनों जिलों की सीमा से सटा बीकानेर जिले का लूणकरणसर क्षेत्र शामिल हैं। इन जगहों पर ओले इतने भारी और घने गिरे कि सिंचित एवं असिंचित दोनों प्रकार की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ। किसान चिंतित हैं कि कटाई के समय यह बेमौसम आफत आ गई।

श्रीगंगानगर शहर में दोपहर बाद पहले तेज हवाएं चलीं, उसके बाद भारी बारिश हुई। पूरे अंचल में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। अब ठंडक का एहसास हो रहा है। टिब्बा क्षेत्र में ओलावृष्टि इतनी अधिक थी कि रेतीले टिब्बों पर सफेद बर्फ जैसी चादर बिछ गई। सड़कों पर भी ओलों से बफ की परत सी जम गई।

हनुमानगढ़ जिले में अर्जुनसर-पल्लू स्टेट हाईवे पूरी तरह सफेद हो गया। इसी तरह बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में भी ओलों की मोटी परत बिछ गई, जिससे खेतों में सफेद चादर-सा मंजर दिखाई दिया।

एक सेवानिवृत्त पटवारी सोहनलाल सहित स्थानीय किसानों ने बताया कि गेहूं सहित अन्य फसलें पैक होकर कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन इस ओलावृष्टि और बारिश से भारी नुकसान हो गया। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द अधिकारियों और कर्मचारियों का दल भेजकर फसलों का सर्वेक्षण कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।

मौसम विभाग ने कल और परसों भी इस अंचल में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के पश्चिमी जिलों में अगले कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसमी बदलाव की आशंका बनी हुई है।

यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि खासकर उन किसानों के लिए बड़ी आफत साबित हुई है, जो कटाई के अंतिम चरण में थे।

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