जयपुर , मार्च 18 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और निरन्तर नीतिगत सुधार किए हैं, जिससे राजस्थान औद्योगिक विकास की एक नयी गाथा लिख रहा है।
श्री शर्मा बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित उद्यमी संवाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश आर्थिक समृद्धि के सबसे बड़े माध्यम है तथा उद्यमी अपने व्यवसाय को बढ़ाने के साथ ही राजस्थान की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा कि वे राजस्थान में निवेश के अवसरों का लाभ उठाएं, नए उद्योग स्थापित करें और राज्य के विकास की इस यात्रा में भागीदार बनें। जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इन्द्रयोग में वृहद् राजस्थान की स्थापना की थी। इसीलिए हमने चैत्र शुल्क प्रतिपदा पर ही राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया। इसी क्रम में इस वर्ष 19 मार्च को यह गौरवशाली दिवस पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज हर क्षेत्र में नयी ऊंचाईयां छू रहा है। प्रधानमंत्री भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से कार्य कर रहे हैं एवं गरीब, युवा, महिला एवं किसान के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार भी इस संकल्प को ध्येय मानते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है।
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के ठोस एवं दूरदर्शी निर्णयों से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। हमने कार्यकाल के पहले ही वर्ष में 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' का सफल आयोजन किया। समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से आठ लाख करोड़ रुपये के कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। हाल ही में, होंडा द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए किया गया एमओयू प्रदेश में बढ़ते हुए वैश्विक विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि बीकानेर, पाली, किशनगढ़, जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं। वहीं, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अजमेर में नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर भू आवंटन के लिए खोल दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निकट सलारपुर और बिचून में लॉजिस्टिक पार्क स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की निवेशपरक नीतियों के कारण राजस्थान तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। 'रिप्स 2024' के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दिया गया है तथा भूमि उपयोग परिवर्तन की समय-सीमा 60 से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनिवेश पोर्टल को राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़कर 14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य कौशल नीति और राजस्थान युवा नीति के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, निजी क्षेत्र में तीन लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
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