भरतपुर , मार्च 26 -- राजस्थान में करौली जिले के वन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के साथ गुरुवार से बाघ की छठी सर्वव्यापी गणना शुरू की गई।

वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाघों का सटीक और वैज्ञानिक आकलन सुनिश्चित करने के लिए वन क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरा-ट्रैप लगाए गए हैं। फील्ड कर्मियों को डाटा संग्रहण में त्रुटि से बचने के लिए मोबाइल उपकरण भी दिए गए हैं। यह गणना करीब एक महीने में पूरी होगी।

उन्होंने बताया कि सर्वे में कैमरा-ट्रैप, एम स्ट्रिप, मोबाइल ऐप, जीआईएस तकनीक और वैज्ञानिक वीडियो एनालिटिक्स का उपयोग किया जा रहा है। सर्वे से जुड़े सभी कार्मिकों को पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें पगमार्क पहचान, शिकार-जीवों का डाटा संकलन, वीडियो रिकॉर्डिंग, मोबाइल ऐप का उपयोग और स्थान मान चित्रण की वैज्ञानिक विधियों का अभ्यास शामिल है।

देशभर के 57 से अधिक बाघ अभयारण्य में शुरू हुई इस गणना को लेकर वन विभाग के सूत्रों का मानना है कि उन्नत तकनीकों के उपयोग से वर्ष 2026 का यह सर्वे अब तक का सबसे सटीक और विश्वसनीय बाघ आकलन साबित होगा।

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