जयपुर , मई 29 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रदेश में अराजकता के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि जब लोग कानून अपने हाथ में लेकर किसी की जान ले लें, तो इसे कानून का राज नहीं कहा जा सकता।

श्री गहलोत ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि बांदीकुई में मोटरसाइकिल चुराने के शक में युवक दिनेश कुमार मीणा की मॉब लिंचिंग होना तथा अजमेर में पेड़ से बांधकर बेरहमी से एक युवक की पिटाई करना प्रदेश में बढ़ती अराजकता एवं जंगलराज का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लोग कानून अपने हाथ में लेकर किसी की जान ले लें, तो इसे कानून का राज नहीं कहा जा सकता। साफ है कि आज राजस्थान अराजकता का शिकार हो चुका है। उस मां पर क्या बीत रही होगी, जिसका बेटा इस तरह उसकी आंखों के सामने ही मार दिया गया। इस पूरी घटना के दौरान पुलिस कहां थी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की भांति अब पुनः प्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं होने लगी हैं। यह गृह विभाग और पुलिस की असफलता को दिखाता है। यदि ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो भाजपा का सत्ता में रहने का क्या नैतिक अधिकार रह जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित