जयपुर , फरवरी 12 -- किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट को जनता में अविश्वास पैदा करने वाला बजट करार देते हुए कहा है कि पिछले वर्ष के बजट की घोषणाएं ही पूरी नहीं हुई और फिर इस वर्ष के बजट में नई घोषणाओं की बौछारें की गई, जो सरकार के प्रति लोगों में अविश्वास उत्पन्न करती है।

श्री जाट ने अपनी बजट प्रतिक्रिया में कहा कि बजट भाषण में अंग्रेजी शब्दों का प्रचुरता से प्रयोग हुआ है जो हिंदी भाषा का अपमान है और हिंदी भाषी जन के लिए समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज के दाम के लिए विपणन तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए बजट 2025- 26 में डीडवाना में परबतसर, अजमेर में रुपनगढ़, टोंक में बनेठा, जैतारण में बर मंडियो के निर्माण के लिए घोषणा की गई थी लेकिन इनमें से एक भी स्थान पर भूमि आवंटन एवं निर्माण का काम आरंभ नहीं हुआ। कोटा की भामाशाह तथा बारां मंडियों के विस्तार के लिए भी घोषणा की गई थी किंतु वह भी अभी तक आरंभ नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि बजट 2024 -25 में मांगते ही कनेक्शन देने की दिशा में 31 मार्च 2024 तक के लंबित कनेक्शन में से एक लाख 45 हजार कृषि कनेक्शन देने की घोषणा अधूरी है। इसी प्रकार वर्ष 2025- 26 के बजट में 50 हजार कृषि कनेक्शन देने की स्थिति भी अधूरी है , अभी तक 2022, 2023 एवं 2024 के कृषि कनेक्शन भी लंबित चल रहे हैं। इसमें भी मात्र अनुसूचित जनजाति की श्रेणी को ही कनेक्शन देना आरंभ किया हुआ है। 2025- 26 के बजट की आवंटित राशि में से 25 प्रतिशत राशि खर्च ही नहीं की गई। 35 लाख किसानों को 25 हजार रुपए प्रति खातेदार देने के लिए 768 करोड रुपए ब्याज अनुदान का प्रावधान भी पूरा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस बजट में युवाओं को काम की दिशा में स्थाई नौकरियों के स्थान पर संविदा की ही चर्चा है। युवाओ को नौकरी लेने वाला नही नौकरी देने वाला बनाने का नारा तो दिया गया है किन्तु धरतल पर उसकी कोई मार्गदर्शिका नहीं है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण देश की राजस्थान में लगभग 50 प्रतिशत उत्पादित बाजरा, सरसों, मूंग जैसी उपजों की दाने दाने की खरीद की सुनिश्चितता नहीं की गई है।

इसी प्रकार सिंचाई योजनाओं को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं देकर खेत के पानी की आकांक्षाओं को तोड़ा गया है। नारों एवं उद्घोषणाओं के द्वारा ही समृद्धि उल्लेख किया गया है, राजस्थान को समृद्ध बनाने का खेत को पानी- फसल को दाम- युवाओ को काम वास्तविक मार्ग छोड़ दिया गया है।

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