जयपुर , मार्च 20 -- राजस्थान पुलिस में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीरें सामने आई है जहां दस महिलाकर्मी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहीं बल्कि इन्होंने मानवता, सेवा और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण पेश किया जो समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।

पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन महिला पुलिसकर्मियों ने अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से यह साबित कर दिया कि वर्दी में मातृत्व और मजबूती दोनों साथ चल सकते हैं। इनमें से किसी ने कठिन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाई, तो किसी ने संवेदनशील मामलों को सूझबूझ से संभाला। किसी ने अपनी ड्यूटी के दौरान ईमानदारी और तत्परता दिखाई, तो किसी ने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया। इन सभी महिला कर्मियों की एक खास बात यह रही कि इन्होंने अपने पारिवारिक दायित्वों मां, बेटी या बहन की भूमिका के साथ-साथ पुलिस की सख्त जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया।

इन महिला पुलिसकर्मियों ने यह दिखाया कि कठिन से कठिन हालात में भी ड्यूटी सर्वोपरि होती है। चाहे दिन हो या रात, चुनौती कैसी भी हो, इनका समर्पण अडिग रहा जहां इन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की वहीं जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई और यही संतुलन इन्हें खास बनाता है।

आज ये महिलाकर्मी केवल पुलिस विभाग के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। खासकर युवतियों के लिए ये संदेश है कि मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

कर्तव्य की वेदी पर प्राणों की बाजी लगाने वाली और खेल के मैदान में तिरंगा लहराने वाली राजस्थान पुलिस की 10 जांबाज महिला पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस को उस समय सर्वोच्च पहचान मिली, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनसे मुख्यमंत्री निवास पर संवाद किया। महिला अपराध का खुलासा हो, उफनती नहर में छलांग लगाकर जान बचाना हो, बैंक लूट की फायरिंग के बीच अपराधियों को दबोचना हो, या उग्र भीड़ से किसी निर्दोष को सुरक्षित निकालना; इन शक्ति स्वरूपा अधिकारियों के हर साहसिक कार्य को मुख्यमंत्री ने सराहा। उन्होंने इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का पुंज बताया।

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