नयी दिल्ली , दिसंबर 11 -- लोकसभा में गुरुवार को राजस्थान के हिस्से की रोजगार गारंटी योजना की राशि जारी करने की मांग की गयी।

भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रौत ने इस मामले को शून्यकाल के दौरान उठाया और सरकार से धनराशि जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी योजना आदिवासी, दलित, पिछड़े इलाके के लोगों के लिए रीढ की हड्डी के समान है लेकिन वर्तमान बांसवाड़ा-डुंगरपुर संसदीय क्षेत्र का जो बजट है वह जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे राजस्थान में पंद्रह सौ करोड़ रुपये का केंद्र सरकार का बजट भी जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र बांसवाड़ा-डुंगरपुर क्षेत्र का रोजगार गारंटी योजना का बजट जारी किया जाये ताकि वहां के लोगों को रोजगार मिल सके।

समाजवादी पार्टी के हरेन्द्र मलिक ने कहा कि मुजफ्फरनगर से रोजाना कारोबार के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली आते हैं लेकिन कोरोना काल में जिन स्टेशनों पर ठहराव बंद किया गया उसे अब भी शुरू नहीं किया गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन में बेहतर सफाई सुनिश्चित करने और वहां फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग की।

निर्दलीय अब्दुल रशीद ने एनएचपीसी पर जम्मू -कश्मीर के संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें स्थानीय लोगों को अवसर दिया जाना चाहिए।

सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के डा. इंद्र हांग सुब्बा ने सिक्किम के विशेष प्रावधानों के तहत राज्य के बारह समुदायों को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग की। समाजवादी पार्टी के आदित्य यादव ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में दो प्रमुख मार्ग है जिस पर जाम की समस्या होती है इसलिए बाईपास बनाई जाये और सड़क का चौड़ीकरण किया जाये।

कांग्रेस के मनोज कुमार ने बिहार में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए राज्य में इन वर्गाें की निगरानी की बैठक सुनिश्चित की जाये।

कांग्रेस के दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाण में जल भराव और बाढ से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को केंद्र सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिली है। हरियाणा को बाढ़ ग्रस्त राज्य में शामिल कर मुआवजा दिया जाये उन्होंने कहा कि कम से कम पचास हजार प्रति एकड़ मुआवजा का प्रावधान किया जाये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित