जयपुर , जुलाई 25 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा योजना) के तहत अब गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अंग प्रत्यारोपण सहित कई महंगे इलाज निःशुल्क मिल रहे हैं और इसके तहत अब तक प्रदेश के 2607 मरीजों को राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में अंग प्रत्यारोपण एवं अन्य विशेष उपचार का लाभ मिला है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन उपचारों पर अब तक 120.29 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किये गये हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत प्रदेश के पात्र मरीजों को रीनल (किडनी) ट्रांसप्लांट के लिए अधिकतम सात लाख, कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए छह लाख, बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 14 लाख तथा हृदय एवं हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए 16.70 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

योजना के तहत राजस्थान में 2500 मरीजों को करीब 115.78 करोड़ की लागत से उपचार मिला। इनमें 1205 किडनी ट्रांसप्लांट जयपुर, जोधपुर और सीकर में, 660 कॉक्लियर इम्प्लांट जयपुर, बीकानेर और चूरू में 508 बोन मैरो ट्रांसप्लांट जयपुर, सीकर और कोटा में, 105 लिवर ट्रांसप्लांट जोधपुर, बीकानेर और पाली में तथा नौ हृदय एवं हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण जयपुर, अलवर और कोटा के मरीजों में सर्वाधिक किये गये। इसके अलावा 13 मरीजों को प्रत्यारोपण से जुड़े अन्य विशेष उपचार पैकेजों का लाभ भी दिया गया।

योजना में राज्य से बाहर भी इलाज की सुविधा उपलब्ध है और अब तक 107 मरीजों ने राजस्थान के बाहर स्थित अस्पतालों में इलाज कराया है। इन मरीजों के इलाज पर 4.51 करोड़ रुपये का पुनर्भरण किया गया। सबसे अधिक मरीजों ने गुजरात (93) में इलाज कराया जबकि दिल्ली (6), आंध्र प्रदेश (2), तमिलनाडु (2), हरियाणा (1), कर्नाटक (1), मध्य प्रदेश (1) और तेलंगाना (1) में भी मरीजों ने योजना का लाभ लिया।

राजस्थान के सूचीबद्ध अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण और संबंधित उपचार पूरी तरह कैशलेस हैं। मरीज को इलाज के लिए अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ती। राज्य से बाहर इलाज कराने के लिए जिला चिकित्सा महाविद्यालय की ट्रांसप्लांट इवैल्यूएशन कमेटी से अनुमति लेकर उपचार कराया जा सकता है। उपचार के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएसएचएए) द्वारा पात्र राशि का पुनर्भरण किया जाता है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति केवल पैसों की कमी के कारण जीवनरक्षक इलाज से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से महंगे इलाज भी आम लोगों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनी है और यह मरीजों को बेहतर इलाज देने के साथ-साथ उनके परिवारों को भारी आर्थिक बोझ से भी बचा रही है।

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