जयपुर , सितंबर 02 -- देश और विदेशों में व्यापार में अपना परचम लहराने वाले गोयनका समुदाय का अपनी नयी पीढ़ी को मातृ भूमि की भीनी खुशबू , प्राचीन सांस्कृतिक परम्पराओं, इतिहास और पारिवारिक विरासत से भावनात्मक तौर पर जोड़ने के लिए हर साल भाद्रपद अमावस्या को राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में आयोजित होने वाला 'गोयनका संगम' इस बार सात से ग्यारह सितम्बर को आयोजित किया जायेगा।
श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकत्ता के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील कुमार गोयनका के अनुसार गोयनका संगम का यह उत्सव ट्रस्ट के तत्वावधान में हर साल इसी समय हिन्दू तिथियों के अनुसार भाद्रपद अमावस्या को आयोजित किया जाता है जिसमें भारत और विश्व के विभिन्न हिस्सों से समृद्ध परिवारों के गोयनका समुदाय के लगभग छह सौ लोग अपने परिवार सहित पांच दिन तक अपने पूर्वजों के पैतृक स्थल पर रहते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शान्ति और वर्तमान पीढ़ी की खुशहाली और प्रगति की कामना करते हैं ।
इस संगम में ज़ी समूह के चेयरमैन सुभाष चन्द्रा, इमामी ग्रुप के को- चेयरमैन आर एस गोयनका , टैली ग्रुप के चेयरमैन भरत गोयनका , पशुपति ग्रुप के चेयरमैन विष्णु गोयनका , गोल्डन गोयनका समूह के चेयरमैन गिरधारी लाल गोयनका ,टैली सोलूशन्स के चेयरमैन भरत गोयनका , गोल्डी मसाले के डायरेक्टर आकाश गोयनका सहित देश विदेश के दिग्गज उद्योगपति हिस्सा लेंगे।
श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट कोलकत्ता के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील कुमार गोयनका ने बताया कि फ़तेह पुर शेखावाटी में आयोजित किये जाने वाले इस पांच दिवसीय "गोयनका संगम 2026 " के चौथे दिन दस सितम्बर को व्यापार, समाज सेवा , कला, विज्ञान, खेलकूद , शिक्षा, साहित्य , स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले गोयनका समुदाय के शूरवीरों को पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे । इसी दिन रात्रि को श्रीमती कृष्णा विजयवर्गीय (कोटा ) द्वारा जागरण ओढ़नी उत्सव का आयोजन किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा 10 सितंबर को इस समारोह के पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि होंगे जबकि राज्य के शहरी विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इसके इलावा सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी भी समारोह में हिस्सा लेंगे।
इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में मारवाड़ी समुदाय से जुड़ी अनेक विशिष्ट धार्मिक रीति रिवाजों, परम्पराओं, खान पान, पहनावे आदि की युवा पीढ़ी को जानकारी दी जाती है ताकि वे अपनी पहचान और परंपराओं को जान सकें। श्री गोयनका ने बताया कि इस संगम का उद्देश्य अपनी व्यावसायिक कुशलता का वैश्विक स्तर पर झंडा बुलंद कर रहे गोयनका समुदाय के लोगों को व्यक्तिगत तौर पर करीब लाना है क्योंकि डिजिटल के इस युग में ज्यादातर लोग भावनात्मक तौर पर दूर होते जा रहे है।
इस दौरान ई पीढ़ी को अपने इतिहास से रूबरू कराया जाता है और गोयनका समुदाय के लोग सामूहिक रूप से अपनी कुल देवी 'बीरा बरजी दादी जी' के मन्दिर में इकठा होते हैं। इस वर्ष भाद्रपद अमावस्या को लगभग पांच सौ साल पुरानी परम्परा दोहरायी जायेगी जब समुदाय के लोग अपनी कुल देवी को सामूहिक रूप से श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। मूलत हरियाणा के बपुरा गांव के वंशज गोयनका समुदाय के लोग व्यापार रोज़गार के लिए पांच सौ साल पहले फतेहपुर शेखावाटी में आये और फिर अपनी कुल देवी दादी जी का छोटा सा मन्दिर यही स्थापित कर दिया और अब हर साल इसी परम्परा को निभाते हुए पांच दिन तक यहां वास करते हैं।
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