जयपुर , अक्टूबर 24 -- राजस्थान में स्वच्छ-सुलभ सार्वजनिक परिवहन को पीएम ई-बसों से नयी गति मिलने लगी हैं और राज्य के नौ शहरों के लिए स्वीकृत 1150 इलेक्ट्रिक बसों में से अब तक 250 ई-बसें मिल चुकी हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम ई-बस सेवा योजना देश के शहरी परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बन रही है और इससे स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य हो रहा है।
पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत प्रारंभ में राजस्थान के आठ शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गयी थी लेकिन राज्य सरकार के विशेष प्रयासों और मजबूत प्रबंधन के चलते प्रदेश के लिए अतिरिक्त बसें स्वीकृत करायी गयी है, जिससे राजस्थान के लिए कुल 1150 ई-बसें मंजूर हो चुकी हैं। जयपुर के लिए 550, जोधपुर के लिए 125, अजमेर एवं कोटा के लिए 100-100, बीकानेर के लिए 75, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर और सीकर के लिए 50 ई-बसें स्वीकृत की गयी हैं। राज्य को अब तक 250 ई-बसें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 103 बसें जयपुर के लिए जेसीटीएसएल को मिली हैं। इनमें 58 बसों का संचालन जयपुर के बगराना डिपो से किया जा रहा है जबकि शेष बसों का संचालन टोडी डिपो से शीघ्र ही प्रारम्भ किया जायेगा।
अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित ये ई-बसें वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों के लिए किफायती और आरामदायक सफर सुनिश्चित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी वहीं बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और सुरक्षा उपकरणों से महिला सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
बजट घोषणा 2025-26 की अनुपालना में 450 ई-बस और 50 डबल डेकर ई-बस प्राप्त करने की प्रक्रिया जेसीटीएसएल द्वारा की जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बसों की खरीद और उपलब्धता तक सीमित नहीं है बल्कि ऐसी संपूर्ण व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे बसों का नियमित संचालन हो और यात्रियों को सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सके।
जयपुर में बगराना, टोडी मोड़ और सांगानेर में ई-बसों के सुगम संचालन के लिए डिपो बनाये गये हैं। इसके अतिरिक्त गोनेर के नजदीक रलावता, अजमेर रोड पर खटवाड़ा और दिल्ली रोड पर अचरोल में डिपो के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटित की जा चुकी है। बस डिपो में चार्जिंग एवं अन्य विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 60 करोड़ रुपये से अधिक एवं बस डिपो का सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 53 करोड़ रुपये से अधिक की राशि केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है।
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