जयपुर , फरवरी 12 -- राजस्थान में गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के द्वितीय चरण के तहत तीन हजार 174 पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश के लिए 784.43 करोड़ रूपये की सहायता दी गई है।

श्री कुमावत प्रश्नकाल में विधायक हंसराज पटेल के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान गौ संरक्षण एवं संवर्धन निधि नियम के तहत पात्र गौशालाओं में संधारित गौवंश को चारा-पानी, पशु आहार और आधारभूत परिसम्पतियों के निर्माण के लिए सहायता राशि दी जाती है तथा चिकित्सकीय कार्य नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था द्वारा किया जाता है।

उन्होंने कहा कि पंचायत समिति नंदीशाला जन सहभागिता योजना के तहत निराश्रित या नर गौवंश को आश्रय प्रदान करने के लिए राज्य की प्रत्येक पंचायत समिति मे आधारभूत परिसंपतियों के निर्माण के लिए एक करोड़ 57 लाख रुपए का प्रावधान है। इसमें राज्य सरकार द्वारा अनुदानित और 3 साल का अनुभव रखने वाली गौशालाएं आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत समिति नंदीशाला जनसहभागिता योजना में प्रदेश में खोली गई 70 नंदिशालाओं और इसके लिए 70.02 करोड़ रुपए आवंटित राशि का विवरण सदन के पटल पर रखा।

इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा स्टाम्प ड्यूटी एवं शराब पर अधिभार से प्राप्त राजस्व से पंजीकृत गौशालाओं को अनुदान दिया जाता है। इसके तहत वर्ष 2022 में प्राप्त राजस्व 1058.03 करोड़ रुपए में से 750.87 करोड़ रुपए, वर्ष 2023 में प्राप्त राजस्व 1210.82 करोड़ रुपए में से 733.15 करोड़ रुपए, वर्ष 2024 में प्राप्त राजस्व 1374.76 करोड़ रुपए में से 1232.53 करोड़ रुपए और वर्ष 2025 में प्राप्त राजस्व 1558.32 करोड़ रुपए में से 1280.28 करोड़ रुपए की सहायता राशि गौशालाओं को दी गई।

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