जयपुर , मार्च 19 -- राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर ने स्टेनोग्राफर भर्ती मामले में मेरिट सूची को रद्द करने के साथ ही चयन प्रक्रिया में दी गयी पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट को अवैध करार दिया है।
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि भर्ती नियमों के विपरीत जाकर इस प्रकार की छूट देना कानून सम्मत नहीं है। मामला राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित स्टेनोग्राफर एवं निजी सहायक भर्ती से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि बोर्ड ने पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद कुछ उम्मीदवारों को पांच अतिरिक्त अंक छूट देकर चयन सूची में शामिल कर लिया। यह कार्रवाई विज्ञापन की शर्तों और निर्धारित प्रक्रिया के खिलाफ बतायी गयी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि इस अतिरिक्त छूट के लिए कोई विधिवत आदेश पारित नहीं किया गया था, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। न्यायालय ने कहा कि नियमों में स्पष्ट प्रावधान नहीं है, तो इस प्रकार की रियायत देना मनमाना और अवैध है।
यह निर्णय न्यायमूर्ति आनंद शर्मा की एकलपीठ ने दिया। न्यायालय ने मेरिट सूची को निरस्त करते हुए संबंधित प्राधिकरण को नियमों के अनुसार नयी प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिये।
हाल ही में भी इसी भर्ती को लेकर विवाद सामने आया था, जिसमें पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने पर न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की थी।
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