रायपुर , जुलाई 18 -- छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के राजमेरगढ़ को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
जिला कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शनिवार को राजमेरगढ़ का निरीक्षण कर निर्माणाधीन बैगा कुटीर सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का जायजा लिया और पर्यटन अधोसंरचना को स्थानीय संस्कृति एवं प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजमेरगढ़ पहाड़ी पर निर्माणाधीन बैगा कुटीर का अवलोकन करते हुए इसे पारंपरिक, आकर्षक और हवादार स्वरूप में तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बैगा जनजाति की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से पर्यटकों को परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। सावन माह में ज्वालेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए निर्माण कार्य शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने ज्वालेश्वर धाम, माई का मड़वा, दुर्गाधारा और ठाड़ पथरा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा, संकेतक, विश्राम स्थल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने पर्यटन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से चर्चा कर उनकी गतिविधियों, आय-व्यय और स्थानीय रोजगार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और जनजातीय संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर बल दिया।
उन्होंने संबंधित विभागों को पर्यटन प्रबंधन समितियों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
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