देहरादून , मार्च 25 -- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान में बुधवार को राजभाषा नियमों और कम्प्यूटर पर उपयोगी ई टूल्स पर एक कार्यशाला और प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

दो सत्रों में डॉ वीवी ध्रुव नारायण संगोष्ठी कक्ष में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन निदेशक डॉ. एम.मधु ने कहा कि राजकीय काम काज में हिंदी के प्रगामी प्रयोग के लिए ऐसी कार्यशाला अत्यन्त उपयोगी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हिन्दी को विश्व स्तरीय भाषा बनाने में सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए। इसके लिए अपना कार्य अधिकाधिक हिन्दी भाषा में ही करें।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी डॉ. सोमेश्वर पाण्डेय ने हिन्दी भाषा में संस्कृत, पाली भाषा और तिमाही रिपोर्ट के संबंध में एवं ई-ऑफिस में कंठस्थ के उपयोग के बारे में व्याख्यान दिया। जबकि द्वितीय सत्र में इं. अमित चौहान, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने हिंदी कंप्यूटर का उपयोग के बारे में पीपीटी के मध्यम से अपने व्याख्यान में हिन्दी के अनुवाद और कंप्यूटर में हिन्दी कार्य को कैसे आसान तरीके के किया जा सकता है, के बारे में जानकारी दी।

प्रभारी अधिकारी, राजभाषा, अनिल कुमार चौहान ने उपस्थित सभी 35 प्रतिभागियों को हिन्दी की सभी अनुक्रमणिका का पालन करते हुए अधिक से अधिक हिन्दी में काम करने का आह्वान किया।

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