बेंगलुरु , जून 05 -- कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री केएन राजन्ना ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 'ट्रबलशूटर' (समस्या सुलझाने वाले) वाले टैग को मीडिया की ओर से गढ़ी गयी कहानी बताया और पार्टी के अंदरूनी सत्ता ढांचे में इसकी प्रासंगिकता पर खुलेआम सवाल उठाए।
श्री राजन्ना की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य में सत्तारुढ़ कांग्रेस में हालिया नेतृत्व परिवर्तन और इस्तीफों के बाद कैबिनेट भूमिकाओं, नेतृत्व की स्थिति और उभरते सत्ता केंद्रों को लेकर अंदरुनी हलचल मची हुई है।
श्री शिवकुमार की छवि पर सीधा हमला करते हुए श्री राजन्ना ने कहा "'ट्रबलशूटर'जैसी कोई संस्थागत भूमिका नहीं होती है। यह लेबल संगठन के ढांचे से बाहर कृत्रिम रूप से बनाया और बढ़ाया गया है"उन्होंने सवालिया लहजे में कहा "अगर वह ट्रबलशूटर हैं, तो वह असम जाकर वहां के मुद्दों को क्यों नहीं सुलझाते?" इस तरह उन्होंने श्री शिवकुमार की संकट-प्रबंधन की प्रतिष्ठा को चुनौती दी है।
उन्होंने आगे कहा कि मंत्री पद और विभाग व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलने वाली जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने जोर दिया कि नेताओं को सार्वजनिक धारणा या लेबल के बजाय उनके प्रशासनिक कामकाज के आधार पर आंका जाना चाहिए।
श्री राजन्ना की टिप्पणियों को कर्नाटक कांग्रेस के भीतर पहले से चल रही गुटीय खींचतान में आग में घी डालने जैसा माना जा रहा है, जहां अधिकार, प्रभाव और अनौपचारिक निर्णय लेने के तरीकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
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