, April 4 -- उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग अंचलाधिकारी से जुड़े प्रकरण को लेकर उनके निजी सचिव के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सच्चाई है कि उन्हें इसका पता भी नहीं था। उन्होंने कहा कि इस तरह की मनगढ़ंत कहानियां गढ़कर किसी को बरगलाने की कोशिश करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि राज्य सरकार किसी के दबाव या बहकावे में निर्णय नहीं लेती। सभी फैसले नियम और जनहित के आधार पर ही लिए जाते हैं।

श्री सिन्हा ने कहा कि हड़ताल और तालाबंदी जैसी प्रवृत्तियां अराजकता का प्रतीक हैं और इससे जनता का काम बाधित होता है। उन्होंने कहा कि बिहार अब उस दौर से आगे बढ़ चुका है जब लंबे समय तक हड़ताल और अव्यवस्था के कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे। आज सरकार का लक्ष्य व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाना है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवादों के कारण वर्षों से जनता की आंखों में जो आंसू बहते रहे हैं, अब उन्हें रोकने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि गांवों में शांति और सामाजिक सौहार्द कायम हो तथा विकास की गति तेज हो।उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जिद पर अड़कर या किसी के बहकावे में आकर जनता के काम में बाधा पहुंचाने और सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का प्रयास करेगा, तो सरकार कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार को भूमि विवादों और अराजकता से मुक्त कर एक स्वस्थ, समृद्ध और स्वाभिमानी राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि भूमि सुधार के इस अभियान में सहयोग करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक विकसित और शांतिपूर्ण बिहार का निर्माण किया जा सके।

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