, Oct. 18 -- श्री सरावगी ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में विकास की गति बाधित थी, लेकिन राजग सरकार ने आधारभूत संरचना, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में बदलाव लाने का काम किया। आज हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, 70 से अधिक पॉलिटेक्निक कॉलेज और बड़ी संख्या में आईटीआई संस्थान संचालित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई विकास यात्रा को वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार आगे बढ़ा रही है।श्री सरावगी ने शिक्षकों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों के लिए वेतनमान की व्यवस्था करने की दिशा में भी पहल कर रही है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों की समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में रहना चाहिए।
श्री सरावगी ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि आगामी 23 तारीख को होने वाले मतदान में बैलेट पेपर पर सर्वेश कुमार के नाम के सामने वरीयता क्रम में एक और डॉ. घनश्याम राय के नाम के सामने भी वरीयता क्रम में एक लिखकर मतदान करें। उन्होंने राजग कार्यकर्ताओं से शेष दिनों में गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संपर्क करने और किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सरकार बनाने या गिराने का नहीं है, लेकिन इसके परिणाम से सरकार को सकारात्मक संदेश मिलेगा और जनसमस्याओं के समाधान के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, श्रवण कुमार और संजय पासवान, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक, प्रत्याशी सर्वेश कुमार और डॉ. घनश्याम राय, विधायक सुरेंद्र मेहता, कुंदन कुमार, रजनीश कुमार, अभिषेक आनंद और बबलू मंडल सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, शिक्षक, स्नातक मतदाता और राजग कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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