, March 11 -- उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले गांवों में पांच घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती थी, आज राज्य में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि तब बिहार में केवल 17 लाख बिजली उपभोक्ता थे, अब बढ़कर दो करोड़ 16 लाख हैं। उन्हें 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है जिसके बाद करीब 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आ रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के बाद अब सरकार का मुख्य फोकस रोजगार और उद्योगों के विकास पर है। उन्होंने बताया कि बिहार की औद्योगिक विरासत को फिर से जीवित करने के लिए सेमीकंडक्टर नीति, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और आईटी सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिल सके।
उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित कृषि मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में जब राजग की सरकार बनी थी, तब बिहार में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति कमजोर थी। उस समय राज्य में करीब आठ हजार किलोमीटर सड़क थी, जो आज बढ़कर लगभग डेढ़ लाख किलोमीटर हो चुकी है।उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी से गोरखपुर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठाकुरगंज में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। कोशी-मेची लिंक और ब्रह्मपुत्र के पानी के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है। किशनगंज में अनानास और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार काम कर रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि जीसीसी और सेमीकंडक्टर के बाद चाय नीति भी बनाई जाएगी। उद्योगों के विस्तार से आने वाले वर्षों में बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने एकबार फिर दोहराया की कि बिहार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में तेजी विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
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