, Oct. 25 -- केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने भी कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह टिप्पणी उसकी राजनीतिक हताशा, कुंठा और संस्कारहीनता को दर्शाती है। देश की जनता ने कांग्रेस को बार-बार नकारा है, लेकिन राजनीतिक निराशा में पार्टी के नेता अब प्रधानमंत्री के परिवार को भी निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं।श्री राय ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं और अब उनके दिवंगत पिता के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया है। यह केवल प्रधानमंत्री का ही नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा, सार्वजनिक जीवन की शालीनता और भाषा की मर्यादा का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेतृत्व को अपने नेताओं की भाषा और आचरण के लिए देश की जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के बारे में इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की राजनीतिक सोच और हताशा को दर्शाती है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष का बयान पार्टी की हताशा और अमर्यादित राजनीतिक संस्कृति का परिचायक है।

श्री सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल देश की जनता के जनादेश का अपमान है। कांग्रेस को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री पद की अपनी गरिमा होती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पूरे गांधी परिवार की राजनीतिक सोच को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को निशाना बनाता रहा है तथाखड़गे भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी के साथ मिलकर राजनीति करने का परिणाम है कि कांग्रेस अध्यक्ष भी उसी भाषा का इस्तेमाल करने लगे हैं।

भाजपा नेता ने कांग्रेस के वोट चोरी संबंधी आरोपों को भी बेबुनियाद और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक पतन के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। श्री सरावगी ने आरोप लगाया कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के राजनीतिक आधार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

श्री सरावगी ने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का समर्थन प्राप्त है। जनता अपमानजनक टिप्पणियों और आरोप-प्रत्यारोप के बजाय विकास, सुशासन और जवाबदेह नेतृत्व को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को समझना चाहिए कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से प्रधानमंत्री का कद कम नहीं होगा और न ही जनता का समर्थन घटेगा। लोकतंत्र में जनता अपने मताधिकार के माध्यम से राजनीतिक दलों के आचरण का जवाब देती है।

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