, Aug. 3 -- जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि भाजपा किसी भी समुदाय, यहां तक कि कुशवाहा समाज से भी नेता चुनने के लिए स्वतंत्र है, बशर्ते वह ईमानदार हो और प्रभावी ढंग से शासन चलाने की क्षमता रखता हो।श्री किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को केवल सड़क, नाली जैसे स्थानीय मुद्दों तक सीमित चुनाव नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक संदेश वाला चुनाव बताया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने इस चुनाव के माध्यम से भाजपा नेतृत्व को यह संदेश दिया है कि बिहार को किस प्रकार का नेतृत्व चाहिए।उन्होंने कहा कि पांच वर्ष का जनादेश मिलने के बाद भाजपा को सरकार में सक्षम लोगों को शामिल करना चाहिए तथा शिक्षा में सुधार, रोजगार सृजन, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और राज्य से बड़े पैमाने पर होने वाले पलायन को रोकने पर ध्यान देना चाहिए।

जनसुराज के नेता ने केंद्र सरकार से बिहार का विशेष ध्यान देने की मांग करते हुए कहा कि बिहार के युवाओं को भी गुजरात जैसे अधिक विकसित राज्यों के युवाओं के समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े बुनियादी ढांचे और विकास संबंधी परियोजनाएं गुजरात जैसे राज्यों में केंद्रित हैं, जबकि बिहार में रोजगार और शिक्षा के अवसरों के अभाव में बड़े पैमाने पर पलायन जारी है।उन्होंने कहा कि बिहार के एक करोड़ से अधिक लोग राज्य से बाहर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व से बिहार के लिए विशेष विकास कार्यक्रम तैयार करने की अपील की, जिससे पलायन रुके और लोगों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित हों।

श्री किशोर ने कहा कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ मजबूती से खड़ी रही है। उन्हें उम्मीद है कि बिहार के विकास के लिए भी उतनी ही चिंता दिखाई जाएगी, जितनी अन्य राज्यों के लिए दिखाई गई है।"उन्होंने कहा कि मतदाता अब जाति, धर्म और कल्याणकारी योजनाओं से आगे बढ़कर शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में इसका चुनावी परिणामों पर असर पड़ सकता है।

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