, Oct. 14 -- श्री यादव ने टीआरई-3 की लंबित नियुक्तियों और अनुपूरक परिणाम, टीआरई-4 की अधिसूचना में देरी, 70वीं बीपीएससी परीक्षा की कथित अनियमितताओं और गर्दनीबाग छात्र सत्याग्रह के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक नियोजन में बनी अनिश्चितता दूर करने तथा विद्यार्थियों की मांगों पर संवैधानिक हस्तक्षेप का आग्रह किया। बिहार की सरकारी नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रभावी डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर 21 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र पर भी अनुस्मारक दिया।ज्ञापन में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के अनुरक्षकों के मानदेय भुगतान में आ रही तकनीकी बाधाओं, नकद भुगतान व्यवस्था में भ्रष्टाचार और राजस्व नुकसान की आशंका तथा महिला सुरक्षा से जुड़े दो गंभीर मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का विषय भी शामिल रहा। इन मामलों में क्रमशः 20 अगस्त और 22 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्रों पर अनुस्मारक दिया गया।
सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और मेटा पर फर्जी समाचार, भ्रामक सूचना, डीपफेक, फर्जी खातों और आपत्तिजनक सामग्री के दुरुपयोग पर कठोर नियामक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार के उचित अवसर मिलें और निर्माण, शिक्षा, सुरक्षा तथा जनकल्याण से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से इन मुद्दों पर बिहार सरकार और केंद्र सरकार से आवश्यक कार्रवाई कराने का आग्रह किया।
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