, March 17 -- श्री कुमार ने कहा कि 2005 से ही सरकार ने बिहार के विकास के लिए काम करना शुरु कर दिया। सभी जाति- धर्म के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। वर्ष 2006 से राज्य की महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया गया है और इसके परिणामस्वरूप आज हर क्षेत्र में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। खासकर, त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ी महिलाओं को काफी अवसर मिल रहा है। इसके साथ नौकरी और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी महिलाएं काफी आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में इस प्रदेश में जातीय जनगणना कराई गई और गरीबों की पहचान कर कमजोर और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए कई योजनाएं शुरु की गई है। उन्होंने कहा कि पहले से बहाल किए गए शिक्षकों को नियमित नियुक्ति के लिए पांच बार मौक दिया गया है और सभी मदरसों को सरकारी दर्जा देने का काम किया गया। इसके साथ ही सभी शिक्षकों, मौलवियों,टोला सेवकों विकास मित्रों आदि के मानदेय में वृद्धि की गई है।

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